आखिर गाड़ियों में cc का क्या काम होता है आइए जानते हैं...

बाइक या गाड़ियों में cc का आखिर क्या मतलब होता है?

क्या आपने कभी सोचा है जो गाड़ियों में cc होता है वह क्या होता है। CC का गाड़ियों या गाड़ियों के इंजन में क्या काम होता है... हम जब भी नई गाड़ी या बाइक खरीदते हैं तो उस गाड़ी की cc जरूर देखते हैं परंतु हम में से बहुत सारे लोग डेली लाइफ में बहुत से शब्द ऐसे होते हैं जिनका यूज तो हम करते हैं लेकिन हम उसका मतलब नहीं पता होता है। 

  उसी तरह से हम लोग बाइक या कार चलाना तो जानते हैं पर हम गाड़ियों के बारे में बहुत सारी चीजे नही पता होती हैं। cc भी एक ऐसा शब्द है जिसे हम गाड़ी खरीदने से पहले देखते हैं की गाड़ी कितनी cc की है पर हमे cc का असली मतलब पता नही है।

 गाड़ियों के cc की परिभाषा...

   cc का पूरा नाम होता है क्यूबिक कैपेसिटी। किसी भी गाड़ी या बाइक के इंजन के अंदर इंजन की cc के अनुसार सिलेंडर होता है किसी गाड़ी में 1,2,4 या 6 इस तरह अलग अलग गाड़ी में अलग अलग सिलेंडर की संख्या होती है। गाड़ी का जो सिलेंडर होता है उसके अंदर पिस्टन होता है और पिस्टन ऊपर नीचे  मूवमेंट कार्य है, इस मूवमेंट में ऑयल या पेट्रोल जलता है और जिससे गाड़ी को पावर मिलती है पिस्टन की इस ऊपर नीचे मूवमेंट से तेल जलने से गाड़ी को पावर मिलने की पूरी प्रोसेस को cobustion (कंबस्शन) कहा जाता है। 



  पिस्टन में जो ऊपर नीचे होने की प्रोसेस होती है उसके हाईएस्ट प्वाइंट जहा तक पिस्टन जाता है उसे top dead center और जो सबसे निचला प्वाइंट जहा तक पिस्टन मूव करता है उस प्वाइंट को bottom dead center कहा जाता है।


पिस्टन का top dead center से bttom dead center तक जाने की प्रोसेस को 1 स्ट्रोक कहा जाता है। पिस्टन 1 स्ट्रोक में जितना एरिया कर करता है उस area को cc कहा जाता है। इस क्रिया में पिस्टन का पूरा एरिया या वॉल्यूम ही किसी बाइक या गाड़ी का cc कहलाता है।

पिस्टन जितना ज्यादा एरिया कर करता है उतना ज्यादा air को अपने अंदर खींचता है और जितनी ज्यादा air खींचता है उतनी ही ज्यादा पावर जेनरेट करता है। इस आधार पर जितनी बड़ी गाड़ी होगी उतनी ही ज्यादा cc का उसका इंजन भी होगा।



   माना हम बात करते हैं Royal Enfield 500 की तो इस बाइक में 499 cc का सिंगल सिलेंडर इंजन होता है अर्थात 1 सिंगल सिलेंडर अकेले 499cc का होता है और वहीं अगर बात करें BMW X1 के इंजन की तो X1 में लगभग 2000 cc का 4 सिलेंडर इंजन लगा होता है अर्थात इस कार में लगभग 500 cc के 4 सिलेंडर होते हैं जो कि इसकी पावर को उतना ज्यादा बढ़ा देते हैं।

   cc का मतलब ही फिजिकल स्पेस होता है हम cc को इस तरह भी समझ सकते हैं कि जो गाड़ी जितनी ज्यादा cc की होगी वह गाड़ी उतनी ही ज्यादा पावरफुल होगी और उतनी ज्यादा स्पीड से भी दौड़ेगी। इसलिए हम जब भी गाड़ी खरीदने जाते हैं तो गाड़ी की cc जरूर देख लेते हैं।




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